How to make android phone faster your phone will never lag if you follow these tips – Tech news hindi

0
1

हर साल स्मार्टफोन्स को मिलने वाले अपग्रेड्स के साथ कंपनियों की कोशिश बेहतर प्रोसेसर के साथ और भी तेज परफॉर्मेंस देने की होती है। हालांकि, कुछ बातों का ध्यान ना रखा जाए तो धीरे-धीरे फोन स्लो होने लगता है। हालांकि, अगर आप भी चाहते हैं कि आपका फोन कभी लैग ना करे और झमाझम चलने लगे तो हम 8 जरूरी ट्रिक्स आपके लिए लेकर आए हैं, जिन्हें फॉलो करते ही फर्क महसूस होने लगेगा। 

होम-स्क्रीन की सफाई जरूरी

अगर आपके स्मार्टफोन की होम-स्क्रीन पर ढेर सारी ऐप्स, शॉर्टकट्स और विजेट्स मौजूद हैं तो इसका स्लो होना तय है। दरअसल हर बार जब आप होम-स्क्रीन पर जाएंगे, इसे लोड होने में ज्यादा वक्त और ज्यादा प्रोसेसिंग क्षमता इस्तेमाल होगी। रैम कम होने या मिड-रेंज प्रोसेसर होने की स्थिति में यह बात ज्यादा परेशान करेगी। लाइव वॉलपेपर के बजाय स्टैटिक वॉलपेपर लगाएं और गैर-जरूरी ऐप्स/विजेट्स को होम-स्क्रीन का हिस्सा ना बनाएं।

थर्ड-पार्टी लॉन्चर का इस्तेमाल

स्मार्टफोन्स में कंपनी की ओर से मिलने वाला डिफॉल्ट लॉन्चर उसके बेस्ट फीचर्स दिखाने के लिए डिजाइन किया जाता है, ऐसे में यह सबसे फास्ट हो और स्पीड के लिए ऑप्टिमाइज हो ऐसा जरूरी नहीं है। आप प्ले स्टोर से Nova Launcher जैसे थर्ड-पार्टी लॉन्चर्स इस्तेमाल कर सकते हैं, जिन्हें खासतौर से स्पीड के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है। इन्हें कस्टमाइज करने के ढेरों विकल्प भी यूजर्स को मिल जाते हैं। 

ज्यादा फोन इस्तेमाल करने से अंधे हो सकते हैं आप, चेतावनी दे रहे हैं डॉक्टर्स

फौरन बदल दें डिफॉल्ट ब्राउजर

एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में बाय-डिफॉल्ट मिलने वाला वेब ब्राउजर गूगल क्रोम है, लेकिन यह ढेर सारा स्टोरेज और रिसोर्सेज इस्तेमाल करता है। अच्छा होगा अगर आप फोन का डिफॉल्ट ब्राउजर बदल दें। कुछ बेंचमार्क टेस्ट्स में पता चला है कि Puffin सबसे तेज एंड्रॉयड ब्राउजर है। हालांकि, क्रोमियम पर आधारित Brave या DuckDuckGo भी बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं क्योंकि इन दोनों में गूगल क्रोम से मिलता-जुलता इंटरफेस मिलता है। 

जरूरी है हैवी ऐप्स डिलीट करना

आपके स्मार्टफोन को स्लो करने के लिए सबसे ज्यादा हैवी ऐप्स और गेम्स जिम्मेदार हैं। कुछ सबसे लोकप्रिय ऐप्स का नाम भी इनमें शामिल है। उदाहरण के लिए स्नैपचैट और फेसबुक जैसी ऐप्स भी आपके डिवाइस के सबसे ज्यादा रिसोर्सेज इस्तेमाल करती हैं। आप चाहें तो ऐसी ऐप्स के लाइट वर्जन इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कम रैम और स्टोरेज इस्तेमाल करते हुए भी स्टैंडर्ड ऐप जैसे ही फीचर्स देते हैं। 

फोन से हटा दें एंटीवायरस सॉफ्टवेयर

एंड्रॉयड यूजर्स अपने फोन को मालवेयर और वायरस से सुरक्षित रखने के लिए एंटीवायरस ऐप्स की मदद ले सकते हैं लेकिन ऐसी ऐप्स फोन स्लो होने की वजह बनती हैं। दरअसल, एंटी-वायरस ऐप्स बैकग्राउंड में ऐक्टिव रहती हैं और रिसोर्सेज इस्तेमाल करती हैं। आप जब तक प्ले स्टोर और आधिकारिक सोर्स से ऐप्स इंस्टॉल कर रहे हैं, आपको किसी एंटी-वायरस ऐप की जरूरत नहीं है और इसे इंस्टॉल किए बिना भी काम चल सकता है। 

पुराने बेकार फोन को बना सकते हैं CCTV कैमरा, करेगा आपके घर की सुरक्षा

ऐप्स ऑटो-Sync ऑफ कर दें

जीमेल और क्लाउड स्टोरेज जैसी ढेरों ऐप्स डाटा Sync करने के लिए फोन के रिसोर्सेज इस्तेमाल करती हैं। आप सेटिंग्स में जाकर शेड्यूल कर सकते हैं कि आपके डिवाइस में सेव ऐप्स कब डाटा Sync करेंगी और इसकी फ्रीक्वेंसी क्या होगी। आप ऑटोमैटिक Sync ऑफ करते हुए मैन्युअली डाटा अपडेट या Sync कर सकते हैं। 

सॉफ्टवेयर और ऐप्स करते रहें अपडेट

हर सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ डिवाइस की परफॉर्मेंस और प्रोसेसिंग स्पीड बेहतर होती है और उसे ऑप्टिमाइज किया जाता है। जरूरी है कि आप अपने स्मार्टफोन का सॉफ्टवेयर लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट रखें और डिवाइस में इंस्टॉल ऐप्स को भी लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करते रहें। 

स्मार्टफोन रीबूट करना भी जरूरी

अपने डिवाइस की परफॉर्मेंस अच्छी चाहते हैं तो एक छोटा सा काम हर कुछ दिन में करना चाहिए। अपने डिवाइस को रेग्युलरली रीबूट करते रहना चाहिए। ऐसा करने से OS स्मूद ढंग से काम करता है और डिवाइस की परफॉर्मेंस स्टेबल बनी रहती है। 


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here